Read Online Dua e Qunoot | Dua e Qunoot in Hindi 2023

अस्सलाम वालेकुम इस आर्टिकल में आप Dua e Qunoot के बारे में आप पढ़ सकते हैं और जान सकते हैं। और Dua e Qunoot in Hindi, Dua e Qunoot in English और Dua e Qunoot in Arabic में भी पढ़ सकते हैं। Dua e Qunoot PDF भी Download कर सकते हैं। जिसके बारे में पूरी जानकारी दी गई है। जो लोग  Dua e Qunoot पढ़ना और उसके बारे में जानना चाहते हैं तो वे लोग आसानी से इस आर्टिकल में पढ़ सकते हैं।

दोस्तों Dua e Qunoot वित्र में पढ़ी जाती है। वित्र में 3 रकातें होती हैं। दुआ ए क़ुनूत वित्र की तीसरी रक़अत में पढी जाती है।

Table of Contents

Dua e Qunoot | दुआ ए क़ुनूत

दुआ ए क़ुनूत को ईशा की नमाज़ के वक़्त वित्र वाज़िब नमाज़ के तीसरी रकअत में पढ़ा जाता है। जब हम तीसरी रकाअत में सूरह फातिहा पढ़ने के बाद नमाज में पढ़ने वाली सूरत पढ़ते हैं या फिर चारो कुल सूरत में से किसी दुआ को पढ़ते हैं उसके बाद रुकू में जाने से पहले हम अल्लाहु अकबर कहकर अपने दोनों हाथ को कानो तक उठा कर बांध लेते हैं उसके बाद हम दुआ कुनूत को पढ़ने के बाद रुकू में चले जाते हैं। दुआ ए क़ुनूत को वित्र नमाज़ में पढ़ना वाजिब है।

रात इबादत का ख़ास वक़्त है। इस्लामी दुनिया में, अपने मसाइल और ज़रूरीयात के लिए ख़ुदा को पुकारना उस वक़्त ज़्यादा मूसिर होता है जब हर कोई उनके बारे में सोच रहा हो। इसी वजह से हमारे पास एक मख़सूस और जामा दुआ है जिसे दुआ क़नूत कहते हैं जो रात को पढ़ी जाती है

कुछ लोग उसे पहले पढ़ सकते हैं। इसलिए कहा जाता है कि हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वस्सल्लम ने एक इबारत में हमें सिखाया कि रात के आख़िर में तीसरा आसमान पर उतरता है और कहता है मुझे क्या बताया गया है? मैंने आह भरी। जवाबात क्या हैं? (बुख़ारी1145)

दुआ क़नूत खासतौर पर रमज़ान के महीने में इस वक़्त मक़बूल होती है जब लोग बेदार रहने की इज़ाफ़ी कोशिश करते हैं। ये खासतौर पर ईद अलफ़तर से पहले छुट्टी के इख़तताम पर10 रातों के लिए दरुस्त है, जहां इमाम, मस्जिद के नमाज़ी रहनुमा, जमात के साथ नमाज़ को आधे घंटे तक दुआ क़ुनूत को लंबा करेंगे।

Dua e Qunoot in Hindi | दुआ ए क़ुनूत इन हिंदी

यहां हमने Dua e Qunoot in Hindi बताया है जहां आप Dua e Qunoot in Hindi में पढ़ सकते हैं और याद कर सकते हैं और ढेर सारी नेकियां कमा सकते हैं सो नीचे दिए गए Dua e Qunoot Hindi Me आप पढ़ सकते हैं

Dua e Qunoot in Hindi

Dua e Qunoot in English | दुआ ए क़ुनूत अंग्रेज़ी में

यहां हमने Dua e Qunoot in English बताया है जहां आप Dua e Qunoot को English में पढ़ सकते हैं और याद कर सकते हैं और ढेर सारी नेकियां कमा सकते हैं सो नीचे दिए गए English Dua e Qunoot आप पढ़ सकते हैं

Dua e Qunoot in English

Dua e Qunoot in English

Dua e Qunoot in Arabic| दुआ ए क़ुनूत अरबी में

यहां हमने Dua e Qunoot in Arabic बताया है जहां आप Dua e Qunoot को Arabic में पढ़ सकते हैं और याद कर सकते हैं और ढेर सारी नेकियां कमा सकते हैं सो नीचे दिए गए दुआ ए क़ुनूत को आप Arabic में पढ़ सकते हैं

Dua e Qunoot in Arabic

Dua e Qunoot in Arabic

Dua e Qunoot in Urdu| दुआ ए क़ुनूत उर्दू में

यहां हमने Dua e Qunoot in Urdu बताया है जहां आप दुआ ए क़ुनूत को Urdu में पढ़ सकते हैं और याद कर सकते हैं और ढेर सारी ने किया कमा सकते हैं सो नीचे दिए गए दुआ ए क़ुनूत उर्दू को आप Urdu में पढ़ सकते हैं

الاہما عنہ نستاینکا و نستگپھرکا و نو’منو بکا و نتوکلو الیکا و نسنی الیکل خیر، و نشکرکا و لا نکپھرکا و نکھل ؤ و نترکو مئیں یپھجرک ۔ الاہما ایاکا نابدو و لکا نسلی و نسجدو و الئیکا نس آ و نہپھدو و نرجو رہمتکا و نکھشا ازابکا عنہ ازابکا بل کفاری ملہک |

Dua e Qunoot in Hindi Tarjuma | दुआ ए क़ुनूत तर्जुमा

Dua e Qunoot in Hindi Tarjuma हिंदी में आप दुआ ए क़ुनूत का Tarjuma (तर्जुमा) नीचे पढ़ सकते हैं :-

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम
अल्लाह के नाम से जो रहमान व रहीम है

Tarjuma (तर्जुमा): – 

इलाही हम तुझ से मदद चाहते है और तुझ से माफ़ी माँगते है और तुझ पर ईमान लाते है और तुझपर भरोसा रखते है और तेरी बहुत अच्छी तारीफ करते है, और तेरा शुक्र करते है और तेरी ना शुक्री नहीं करते है और अलग करते है और छोड़ते है, उस शख़्स को जो तेरी नाफरमानी करे |

इलाही हम तेरी ही ‘इबादत करते है और तेरे ही लिए नमाज़ पढ़ते है और सज्दा करते है और तेरी ही तरफ दौड़ते और ख़िदमत के लिए हाज़िर होते है और तेरी रहमत के उम्मीद वार है और तेरे अज़ाब से डरते है बेशक तेरा अज़ाब काफिरों को मिलने वाला है |

Dua e Qunoot in English Translation

O Allah! We implore You for help and beg forgiveness of You and believe in You and rely on You and extol You and we are thankful to You and are not ungrateful to You and we alienate and forsake those who disobey You.

O Allah! You alone do we worship and for You do we pray and prostrate and we betake to please You and present ourselves for the service in Your cause and we hope for Your mercy and fear Your chastisement. Undoubtedly, Your torment is going to overtake infidels O Allah!

Dua e Qunoot Kya Hai | दुआ ए क़ुनूत क्या है

दुआ कुनूत को वित्र की दुआ भी कहा जाता है। दुआ कुनूत को ईशा की नमाज़ के वित्र वाजिब नमाज़ की तीसरी रकात में पढ़ा जाता है। जब हम तीसरी रकअत में सूरह फातिहा पढ़ने के बाद नमाज में पढ़ने वाले सूरत में जाते हैं या फिर चारो कुल सूरत में किसी भी दुआ को देखते हैं ।

उसके बाद रुकू में जाने से पहले हम अल्लाहु अकबर अपने दोनों हाथों को कानो तक उठाकर बांध लेते हैं उसके बाद हम दूजा कुनूत को पढ़ने के बाद रुकू में चले जाते हैं। दुआ ए कुनूत को वित्र नमाज़ में पढ़ना वाजिब है।

दुआ अरबी ज़बान का लफ़्ज़ है जिसका मतलब है पुकारना। दुआ ख़ुदा को अपने एहसासात और ज़रूरीयात बताने के लिए पुकारने का अमल है। ये ख़ुदा की तरफ़ रुजू कर रहा है, ये सब कुछ बता रहा है, और इस से हमारी पुकार का जवाब देने की तवक़्क़ो कर रहा है

ख़ुदा को पुकारते वक़्त, हम इस बात को तस्लीम करते हैं कि वो अपनी ताक़त और हिक्मत से हमारी ज़रूरीयात, ख़ाहिशात और मसाइल का ख़्याल रखता है। इस की ताईद क़ुरआन-ए-मजीद की आयत2:186 से होती है, ”और जब मेरा बंदा तुमसे मेरे बारे में पूछे तो बताओ कि मैं क़रीब हूँ। मैं हर मोमिन की पुकार पर लब्बैक कहता हूँ जब वो मुझे पुकारता है तो वो भी मेरी पुकार पर लब्बैक कहे और मुझ पर ईमान लाए ताकि वो हिदायत पा सकें।

When is Dua e Qunoot recited? | कब पढ़ी जाती है दुआए क़ुनूत?

इशा के वक़्त जब वित्र वाजिब नमाज़ पढ़ी जाती है तो दुआ क़नूत पढ़ी जाती है। तीसरी रकात में सूरा फ़ातिहा और कोई दूसरी सूरत पढ़ने के बाद रुकवा में जाने से पहले हाथ कानों तक उठाने हैं, फिर अल्लाहु-अकबर कहते हुए दुबारा हाथ जोड़ कर दुआ ए क़ुनूत पढ़नी है।

Dua e Qunoot याद नहीं हो तो क्या पढ़े ?

अगर आपको दुआ ए क़ुनूत ( Dua e Qunoot Hindi Mein ) याद नही है तो आपको जल्द से जल्द याद करने की कोशिश करनी चाहिए। और जब तक याद न हो जाए तब तक दुआए क़ुनूत की जगह ये दुआ पढनी चाहिए।

लेकिन गौर करने की बात ये है कि अगर आपको दुआ कुनूत याद नहीं है तो आपको पता है कि वित्र की नमाज़ में यह दुआ पढ़ी जाती है तो आपको चाहिए की जल्द-से-जल्द आप इस दुआ कुनूत को याद कर लें।

क्यूंकि सुनन नसई हदीस 2/235 में है कि हमारे प्यारे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम वित्र की नमाज़ में दुआ-ए-क़ुनूत पढ़ा करते थे।

हिन्दी में : – रब्बना आतिना फिद दुनिया हसनतव वफिल आखिरति हसनतव वकिना अज़ाबन नार

In English : – Rabbana Aatina Fid Duniya Hasanatav Wafil Aakhrati Hasanatav Vakina Azaban Naar

तर्जुमा हिन्दी में  ऐ हमारे रब्ब हमें दुनिया में नेकी और आख़िरत में भी नेकी दे और हमें दोज़ख ले अज़ाब से बचा।

दुआए क़ुनूत भूल गए हो तो क्या नमाज़ होगी ?

अगर आप वित्र की तीसरी रकात में दुआए क़ुनूत ( Dua e Qunoot ) पढ़ना भूल जाते हैं, तो आपको सजदए सहव करना बहुत ही ज़रूरी है।

सजदए सहव करने का तरीका

जब आप वित्र की तीसरी रकात में दुआ ए क़ुनूत पढ़ना भूल गए तब आप पहले बैठकर अत्ताहिय्यात पढ़ेंगे.

और फिर आप एक सलाम फेरेंगे और दूसरा सलाम ना फेरते हुए एक बार फिर से दो सजदे करेंगे (सजदों में सजदों की तस्बीह ही पढ़ना है) और फिर अत्ताहिय्यात दुआए मस्कुरा और दुरूदे इब्राहिम पढ़ कर सलाम फेरेंगे।

Dua e Qunoot रमज़ान में

1. रमज़ान मुबारक में जब आप ईशा की नमाज़ और तरावीह की नमाज़ ( taraweeh ki namaz ) पढ़ने के लिए मस्जिद में तशरीफ़ ले जाते है।

2. रमज़ान ( Ramzan) में वित्र की नमाज़ ( witr ki namaz ) जमात से पढ़ने की इजाज़त दी गयी है। बाक़ी दिनों में जमात के साथ इसकी इजाज़त नहीं है।

3. वित्र की नमाज़ अगर रात में न पढ़ सके, तो फ़ज़्र नमाज़ से पहले तहज्जुद के वक़्त पढ़ लेना चाहिए।

तब अगर किसी कारण से आप थोड़ा मुक़र्रर वक़्त से देरी से मस्जिद पहुँचते है, और तब तक अगर ईशा की फ़र्ज़ (Farz) नमाज़ में आप शामिल नहीं हो सके हो तब आप तरावीह की नमाज़ तो जमाअत से पढ़ेंगे।

मगर वित्र की नमाज़ पढ़ते वक़्त जमात में शामिल नहीं होंगे और वित्र (witr) वाज़िब नमाज़ अलग से पढ़ेंगे !

Dua e Qunoot Ki Fazilat | दुआ ए क़ुनूत की फ़ज़ीलत

  1. आपको यह जरूर वित्र की नमाज में पढ़ना चाहिए वित्र की नमाज में पढ़ने से नमाज की अदब पूरी होती है।
  2. इस दुआ ए क़ुनूत को वित्र की नमाज में पढ़ना वाजिब है अगर इसे भूल गए तो सजद ए सहव करना ज़रूरी है।
  3. किसी भी तरह की परेशानी में दुआ ए क़ुनूत पढ़ने से अल्लाह तआला उस परेशानी से हमें जल्दी छुटकारा दिलाता है।
  4. नमाज़ वित्र में दाये क़नूत पढ़ने से हमें एक किस्म की हिम्मत मिलती है जो मुश्किलात से निमटने में मदद देती है।
  5. अगर मजहब ए इस्लाम किसी आपदा या पीड़ा में होते तो हुजूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम दुआ ए क़ुनूत पढ़ा करते थे।

Dua e Qunoot Benefits | दुआ ए क़ुनूत पढ़ने के फायदे

इस दुआ में अल्लाह की रहमत हासिल करने के लिए कलमे लिखे गए हैं जिनको पढ़ कर अल्लाह की रहमतें हासिल हो सकती हैं

हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम भी ये दुआ पढ़ा करते थे, इस दुआ की एहमीयत का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है, इसलिए ख़ुदा की रहमत हासिल करने के लिए Dua Qunoot पढ़ें

1. दुआ ए क़ुनूत को ईशा के समय वित्र (witr) की नमाज़ के साथ पढ़ने से इंशाअल्लाह घर मे बरक्कत आती है।

2. इशा के वक़्त-ए-नमाज़ वित्र के साथ दाये क़नूत पढ़ने से सेहत अच्छी रहती है और बीमारीयां दूर होती हैं। बहुत सी बीमारीयां हैं जो दूर नहीं होतीं, ऐसी बीमारीयों की सूरत में ये दुआ ज़रूर पढ़ें।

3. यह दुआ पढ़ने से काम या पढ़ाई में बरक्कत आती है। किताबों में लिखा है, और बहुत से लोगों का कहना है, की दुआ ए क़ुनूत पढ़ने से उनके काम/पढ़ाई में तरक्की आयी है।

4. दुआ ए कुनूत हिंदी में को ईशा के समय वित्र (witr) की नमाज़ के साथ पढ़ने से खुदा पढ़ने वाले को बुरी चीजों से और बुरे लोगों से दूर रखता है।

इसलिए अगर आप भी अपने काम या पढ़ाई में तरक्की पाना चाहते हैं तो यह दुआ जरूर पढ़ा करें।

बेशक अल्लाह तअला बहुत ही रहीम और करीम है।

Dua e Qunoot PDF | दुआ ए क़ुनूत PDF

जो लोग Dua e Qunoot PDF (दुआ ए क़ुनूत PDF) Download करना चाहते हैं आपको नीचे दिए गए डाउनलोड बटन पर क्लिक करना है और दुआ ए क़ुनूत PDF फाइल उस लिंक से डाउनलोड कर सकते हैं।

आप दुआ ए क़ुनूत बारे में अधिक जान सकते हैं click here

‘OR’

हमें दुआ ए क़ुनूत कब पढ़ना चाहिए?

वित्र की नमाज़ के आखिरी रकअत में झुकने के बाद दुआ क़ुनूत कहने का रिवाज़ है; हालाँकि, मुड़ने से पहले पढ़ना स्वीकार्य है। हालाँकि, घुटने टेकने के बाद इसका पाठ करना बेहतर है। क्यूनट दुआओं के संबंध में, दो चरम दृष्टिकोण और एक मध्यवर्ती (या उचित) दृष्टिकोण है।


क्या दुआ ए क़ुनूत पढ़ना वाजिब है?

दुआ क़नूत मुस्तहब दुआ है जो नमाज़ वित्र के दौरान पढ़ी जाती है लेकिन वाजिब नहीं है। दरहक़ीक़त बाअज़ उल्मा ऐसे हैं जो दुआ क़नूत को सुन्नत मुअक्कदाह (तसदीक़ सुन्नत) समझते हैं जबकि बाअज़ उसे मुस्तहब अमल समझते हैं।

दुआ क़ुनूत किस नमाज़ में पढ़ी जाती है?

दुआ क़ुनूत वित्र सलाह में पढ़ी जाती है, जो शाम ईशा सलाह में प्रार्थना का आखिरी चक्र है। दुआ क़ुनूत को स्वतंत्र रूप से या मण्डली में पढ़ा जा सकता है।


दुआ ए क़ुनूत किसने लिखी?

हम प्रार्थनाओं और प्रार्थनाओं के माध्यम से अल्लाह के साथ अपने संबंध को बेहतर बना सकते हैं। आपकी सलाह को पूरा करने के लिए कई आवश्यक शर्तें हैं, और उनमें से एक है दुआ ए क़ुनूत। दुआ क़ुनूत के माध्यम से, हमारे पैगंबर मुहम्मद (PBUH) ने हमें कई अन्य दुआओं की तरह विनम्रता, आज्ञाकारिता और अल्लाह के प्रति समर्पण दिखाना सिखाया।

क्या दुआ क़ुनूत का ज़िक्र कुरान में है?

क्या क़ुनूत दुआ क़ुरान में पाई जा सकती है? नहीं, दुआ ए-कुनूत का उल्लेख कुरान में नहीं है, यह पैगंबर (ﷺ) की सुन्नत है।

आज आपने क्या सीखा

तो दोस्तों अभी आप ने दुआ ए क़ुनूत क्या है ,दुआ ए क़ुनूत की फ़ज़ीलत और दुआ ए क़ुनूत का तर्जुमा| इसके बारे में विस्तार से जाना है|

दोस्तों दुआ ए क़ुनूत के पढ़ने के कई सारे फायदे हैं इतने कि आप सोच भी नहीं सकते हैं और ऐसे ही Ayatul Kursi (आयतुल कुर्सी) पढ़ने के भी कई सारे फायदे हैं और अगर आप पढ़ना चाहते हैं तो क्लिक करें|

आप इस Dua को पढ़कर दुनिया और आखिरत में फायदा उठाएं|आपको हमारा ये आर्टिकल Dua e Qunoot in Hindi  कैसी लगी अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें ।

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